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सम्मेलन में भारतीय भाषाओं में प्रस्तुतीकरणों का अनुवाद

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''दक्षिण एशियाई क्षेत्र में नशीली दवा की सुई लगाने के लिए औषधियों का उपयोग और एचआईवी की महामारी'' विषय पर सम्मेलन की रिपोर्ट


नई दिल्ली, 7 अप्रैल, 2006

क्योंकि नशीली दवाओं और नशीली दवाओं का उपयोग करने वालों के लिए सीमाओं का कोई अर्थ नहीं होता, इसलिए नशीली दवाओं की सुई लगाने और विशेषकर नशीली दवा की सुई ल्रागाने के लिए औषधियों के उपयोग में वृध्दि पर एक क्षेत्रीय मुद्दे के रूप में विचार किया जाना चाहिए। भूमंडलीकरण के साथ ही नशीली दवा तैयार करने के संबंध में ढेर सारी जानकारी उपलब्ध है और साथ ही अंतर्राष्ट्रीय व्यापार और पर्यटन के माध्यम से गतिशीलता भी बढ़ी है। इसके परिणामस्वरूप सीमाओं के आर-पार नशीली दवाओं, लोगों और एचआईवी के संचरण के बढ़ने की संभावना है। विशेषकर नशीली दवाओं का इंजेक्शन लगाने वालों के बीच एचआईवी की बीमारी के उभार पर नियंत्रण रखने के लिए प्रत्युत्तर को व्यावहारिक और प्रभावकारी होना चाहिए। इस क्षेत्र के सभी देशों को नशीली दवा का इंजेक्शन लगाने                                         वाली आबादियों के बीच एचआईवी की प्रभावकारी रोकथाम के लिए बड़े पैमाने पर 'ओपिओइड'                                    प्रतिस्थापना उपचार प्रोग्रामर को गंभीरता से विचार कर क्रियान्वित करना होगा।

''दक्षिण एशियाई क्षेत्र में नशीली दवा की
सुई लगाने के लिए औषधियों का उपयोग
और एचआईवी की महामारी''

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