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राष्ट्रसंघ द्वारा सार्वजनिक पहुंच की दिशा में प्रगति की समीक्षा के साथ यूएनएड्स द्वारा नए नेतृत्व का आह्वान

राष्ट्रसंघ द्वारा सार्वजनिक पहुंच की दिशा में प्रगति की समीक्षा के साथ यूएनएड्स द्वारा नए नेतृत्व का आह्वान

न्यूयार्क, 22 मई 2007:

राष्ट्रसंघ के महासचिव जनरल बेन की-मून की इस प्रतिबध्दता और निजी शपथ का स्वागत करते हुए कि राष्ट्र संघ एड्स को लेकर अपने कार्य को प्राथमिकता देता रहेगा, यूएनएड्स के कार्यकारी निदेशक ने सभी क्षेत्रों में भूमंडलीय एड्स प्रत्युत्तार को जारी रखने के लिए सभी क्षेत्रों में नेतृत्व निर्माण की जरूरत पर बल दिया।

राष्ट्रसंघ महासचिव ने यह वायदा करते हुए राष्ट्र संघ महासभा को संबोधित किया कि राष्ट्र संघ एड्स के संबंध में एकजुट होकर कार्रवाई करेगा और इस महामारी का जवाब देने के लिए अभी और दीर्घकालिक दृष्टि से निधियां जुटाने के लिए हर प्रयास करेगा।

महासभा की अधयक्षा शेखा हाया राशेद अल खलीफा ने इसे 'समय के साथ दौड़' बताया और आगे कहा कि विश्व के नेताओं को अपनी वचनबध्दताओं का सम्मान करना चाहिए और अपने वायदों को पूरा करना चाहिए।

ये टिप्पणियां सदस्य राज्यों द्वारा एचआईवी/एड्स पर एक नई राजनीतिक घोषणा में महामारी के अपने प्रत्युत्तार को मजबूत बनाने हेतु अपनी पुन: वचनबध्दता के एक वर्ष बाद, एचआईवी की रोकथाम, उपचार, देखरेख और सहायता तक पहुंच को बढ़ाने में हुए प्रगति पर ध्यान केंद्रित करने के लिए आयोजित होने वाली राष्ट्रसंघ महासभा की बैठक के मौके पर की गईं।

यूएनएड्स के कार्यकारी निदेशक, डॉ. पीटर पॉयट के अनुसार, ''एड्स हमारे समय का ''करो या मरो'' वादा मुद्दा है।'' उन्होंने आगे कहा कि ''हमने हाल के वर्षों में जबर्दस्त प्रगति की है, पर यह जरूरी है कि नेता - न केवल अभी बल्कि आगे दीर्घकाल तक भी - एड्स को प्राथमिकता देते रहें। चार करोड़ लोग एचआईवी के साथ जी रहे हैं, हर रोज एचआईवी से 8000 मृत्युएं हो रही हैं और 11000 नए संक्रमण हो रहे हैं। इससे लगता है कि एड्स हमारे साथ आने वाले दशकों तक रहने जा रहा है।''

जून 2006 से, 90 निम्न और मधयम आय वाले देशों ने सार्वजनिक पहुंच के लिए राष्ट्रीय लक्ष्य निर्धारित किये हैं। पच्चीस देशों ने इस लक्ष्य को अपनी लागत और प्राथमिकता को तय करते हुए अपनी राष्ट्रीय योजनाओं में शामिल किया है।

अब विश्व में 20 लाख लोगों को यानी जरूरत मंद लोगों में से 28 प्रतिशत को उपचार प्राप्त हो रहा है। लैटिन अमरीका और कैरीबियन क्षेत्र में उपचार का कवरेज सबसे अधिक है, जबकि मधय पूर्व और उत्तारी अफ्रीका में यह कवरेज सबसे निम्न है। भूमंडलीय व्यापार समझौतों के रचनात्मक उपयोग के माध्यम से उपचार के लिए आवश्यक दवाओंेकी उपलब्धता में वृध्दि भी हुई है। वर्ष 2005 में कैमरून, इरिट्रिया और घाना ने एड्स की जेनेरिक दवाओं की आयात के लिए अनिवार्य लाइसेंस जारी किए।

डॉ पॉयट ने बताया कि, ''किंतु एड्स की उपचार आरंभ करने वाले हर व्यक्ति पर छह और व्यक्ति एचआईवी से संक्रमित हो जाएंगे।'' उन्होंने आगे कहा कि, ''केन्या, तंजानिया और रवान्डा के कुछ हिस्सों में एचआईवी संक्रमणा के स्तरों में मोटे तौर पर कमी आई है, पर रोकथाम के प्रयास काफी कम किये जा रहे हैं। यह बात मुझे नेतृत्व के सवाल की ओर ले जाती है - इसके बिना हम इन महत्वाकांक्षी सार्वजनिक पहुंच लक्ष्यों को प्राप्त नहीं कर सकते।''

यूएनएड्स 2007 में एड्स से निबटने के लिए आवश्यक विधियों को बढ़ा कर 18 बिलियन डालर तक करने की जरूरत पर बल देना जारी रखे है। साथ ही वह कल की दुनिया में जगह बनाने की योजनाओं के साथ, जिन्हें सबसे अधिक जरूरत है उनके लिए ''धन से कार्य करवाने'' की जरूरत पर; और एड्स की महामारी का कारण बनने वाले अन्यायों और असमानताओं - जैसे कि महिलाओं और लड़कियों की निम्न स्थिति - को दूर करने हेतु सहायता को मजबूत बनाने की जरूरत पर बल देना जारी रखे है।

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सोफी बर्टन- नॉट/यूएनएड्स जेनेवा/+41227911697
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