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एचआईवी और एड्स के साथ जीने वाले लगभग 8000 लोगों की हैदराबाद सम्मेलन में भागीदारी

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आंध्र प्रदेश जिला एड्स नियंत्रण संगठन

एचआईवी और एड्स के साथ जीने वाले लगभग 8000 लोगों की हैदराबाद सम्मेलन में भागीदारी

सम्मेलन को संबोधित करते हुए केन्द्रीय श्रम एवं रोजगार मंत्री और एचआईवी/एड्स पर संसदीय फोरम के कन्वेनर, श्री ऑस्कर फर्नांडीज

''निडर बनो'' अभियान के एक अंग के रुप में,आंध्र प्रदेश एड्स नियंत्रण सोसाइटी ने यूएनएड्स और अन्य साझेदार संगठनों की सहायता से 7 दिसंबर 2007 को हैदराबाद में एचआईवी के साथ जीने वाले लोगों का एक सम्मेलन आयोजित किया। इसमें एचआईवी के साथ जीने वाले 8000 लोगों ने भागीदारी की। पिछले वर्ष आयोजित इसी तरह के सम्मेलन में 3,800 लोगों ने भागीदारी की थी।

इस समारोह का उद्देश्य इस मुद्दे को लेकर काम करने वाले सभी हिस्सेदारों को एक मंच पर लाना और लांछना में कमी लाने वाली सेवाओं तक एचआईवी के साथ जीने वाले लोगों की पहुंच बढ़ाने तथा साथ ही एचआईवी की रोकथाम के प्रति अपनी वचनबध्दता को फिर से दोहराने के ध्येय के प्रति एकजुटता का इज़हार करना था।

सम्मेलन का उदघाटन केंद्रीय श्रम एवं रोजगार मंत्री तथा एचआईवी/एड्स पर संसदीय फोरम (पीएफए) के कन्वेनर श्री ऑस्कर फर्नांडीज, पीएफए के सह-कन्वेनर, श्री जे.डी.सलीम; एचआईवी/एड्स पर आंध्र प्रदेश विधायक मंच के कन्वेनर श्री बी.भास्कर राव और सह कन्वेनर श्री बी कमलाकेर राव ने किया।

इस समारोह में मुख्य अतिथि केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण राज्य मंत्री, श्रीमती पनराबाका लक्ष्मी थीं। उन्होंने इस मुद्दे पर उत्तरदायित्वपूर्ण रिपोर्टिंग के लिए पत्रकारों को पुरस्कार दिये और साथ इस अवसर पर विवाह करने वाले एक एचआईवी पॉजिटिव जोड़े के विवाह समारोह की अध्यक्षता की।

इस अवसर पर आंध्र प्रदेश सरकार के स्वास्थ्य मंत्री श्री संभानी चंद्रशेखर; यूनिसेफ के प्रतिनिधि श्री मिटोल लॉट; भारतीय उद्योग महासंघ, आंध्र प्रदेश के उपाध्यक्ष; तथा कई अन्य राज्यों के एचआईवी पाजिटिव लोगों के नेटवर्कों के पदाधिकारी उपस्थित थे।

इस समारोह की एक मुख्य घटना थी सांस्कृतिक कार्यक्रम और बच्चों तथा व्यस्कों के लिए प्रतियोगिताएं। इसके साथ ही एआरटी उपचार और अवसरवादी संक्रमणों के संबंध में सावधानियां बरतने आदि विषयों पर अभिभाषण् भी दिये गये। इस अवसर एचआईवी के साथ के साथ जीने वाले लोगों द्वारा जिम्मेदारी के साथ व्यवहार करने की शपथ भी ली गई। इस अवसर पर उपस्थित सभी साझेदारों - व्यवसाय के नेताओं, अनुदानकर्ता संस्थाओं के प्रतिनिधियों स्वास्थ्य अधिकारियों-ने गत वर्ष तैयार की गई ''हैदराबार घोषणा'' के प्रति अपनी वचनबध्दता को फिर से दोहराया।

पिछले वर्ष आयोजित हैदराबाद सम्मेलन सफल रहा था। एआरटी उपचार लेने वाले लोगों की संख्या मार्च 2006 में 2200 से बढ़कर दिसंबर 2007 में 25,000 हो गई। स्वास्थ्य सेवा प्राप्त करने वाले एचआईवी से संक्रमित लोगों की संख्या में भी काफी अधिक वृध्दि हुई। ''निडर बनो अभियान'' के अंतर्गत प्रसव-पूर्व केंद्रों में 6 लाख से भी अधिक गर्भवती माताओं की एचआईवी जांच की गई और 5000 एचआईवी पॉजिटिव माताओं के प्रसव में मदद की गई। इनमें से 90 प्रतिशत महिलाओं और उनके शिशुओं को नेविरापाइन दिया गया।

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