|
वर्ष 2006 में एचआईवी चिकित्सा तक पहुंच में महत्वपूर्ण वृध्दि हुई, पर एचआईवी सेवाओं की सार्वर्भाम पहुंच उपलब्घ कराने में अभी भी महत्वपूर्ण बाधाएं हैं

निम्न और माध्यम आय वाले देशों में 20 लाख से भी अधिक लोग एचआईवी चिकित्सा प्राप्त कर रहे हैं; एचआईवइ उपचार और रोकथाम तक पहुंच को बढ़ाने हेतु प्रयासों को महत्वपूर्ण रूप से बढ़ाना चाहिए।
एम्बार्गोड: मंगलवार, 17 अप्रैल 2007, 12.30 जीएसटी, 14.30 सीईटी
लंदन, 17 अप्रैल 2007:निम्न और मध्यम आय वाले देशों में उन्नत एचआईवी संक्रमण के लिए दी जाने वाली एंटीरेट्रोवायरल चिकित्सा तक पहुंच में वर्ष 2006 के दौरान वृध्दि होती रही। दिसंबर 2006 में एचआईवी/एड्स के 20स लाख से भी अधिक रोगियों ने चिकित्सा प्राप्त की जो पिछले वर्ष की तुलना में - जब 13 लाख रोगियों ने यह चिकित्सा प्राप्त की - 54 प्रतिशत की वृध्दि है। ये उत्साहवर्धक निष्कर्ष विश्व स्वास्थ्य संगठन, एचआईवी/एड्स पर संयुक्त राष्ट्र संघ कार्यक्रम और यूनिसेफ द्वारा प्रकाशित ''सार्वभौमिक पहुंच की दिशा में:स्वास्थ्य क्षेत्र में प्राथमिकतापूर्ण एचआईवी/एड्स हस्तक्षेपों को बढ़ाना'' शीर्षक नई रिपोर्ट में जारी किये गये हैं।
किन्तु इसी के साथ, इस रिपोर्ट में अनेक ऐसे मुख्य क्षेत्रों की जानकारी दी गई है जिनमें वर्ष 2010 तक एचआईवी के लिए ''विस्तृत रोकथाम कार्यक्रमों, उपचार, देखरेख अज्ञैर सहायता तक सार्वभौम पहुंच हासिल करने के भूमंडलीय लक्ष्य को देखते हुए, सेवाओं को बढ़ाने के प्रयास अपर्याप्त रहे हैं। उदाहरण के लिए निम्न और मध्यम आय वाले देशों में मां से बच्चे को एचआईवी संक्रमण (पीएमटीसीटी) की रोकथाम के लिए एंटी रेट्रोवायरल दवाओं की जरूरत वाली केवल 11 प्रतिशत एचआईवी - पाजिटिव गर्भवती महिलाएं ही ये दवाएं प्राप्त कर रही हैं। एचआईवी की जांच और परामर्श का भूमंडलीय दायरा असंतोषजनक बना हुआ है और यही स्थिति नशीली दवाओं को इंजेक्शन लगाने वाले लोगों के लिए रोकथाम और उपचार हस्तक्षेपों के कवरेज की है। दुनिया के देशों ने वर्ष 2006 के अंत तक भूमंडलीय पहुंच के लिए लक्ष्य निर्धारित करने हेतु अपने को प्रतिबध्द तो किया था, पर अब तक केवल 90 प्रतिशत देशों ने ही इस संबंध में आंकड़े प्रस्तुत किये हैं।
विश्व स्वास्थ्य संगठन की महासचित डा. मार्गरेट चान का कहना है कि, ''अनुदानकर्ता संगठनों, प्रभावित राष्ट्रों, राष्ट्र संघ एजेंसियों और सार्वजनिक स्वास्थ्य प्राधिकारियों को मिले जुले प्रयासों से एचआईवी सेवाएं संलभर कराने की दिशा में ठोस और सतत प्रगति जो हो रही है, पर आज भी कई देशों में तो हम इस प्रतिबध्दता की शुरूआत में ही हैं। सफलता पाने के लिए हमें महत्वकांशाी राष्ट्रीय कार्यक्रमों, कहीं अधिक भूमंडलीय लामबंदी और बढ़ी हुई जवाबदेही की जरूरत होगी।''
एचआईवी उपचार तक पहुंच
इस रिपोर्ट सेस पता चलता है कि दुनिया के हर क्षेत्र के देश एचआईवी उपचार तक पहुंच को बढ़ाने में ठोस प्रगति कर रहे हैं। उप सहारा अफ्रीका मे दिसंबर 2006 में 13 लाख से अधिक लोग उपचारा प्राप्त कर रहे थे। यह संख्या कुल जरूरतमंदों का लगभग 28 प्रतिशत है और वर्ष 2003 की तुलना में यह 2 प्रतिशत की वृध्दि है। अन्य क्षेत्रों का कवरेज अलग-अलग रहा है: उत्तारी अफ्रीका और मध्य मध्य पूर्व में 6 प्रतिशत; पश्चिमी यूरोपप और मध्य एशिया में 15 प्रतिशत; लैटिन अमरीका और कैरीबियन क्षेत्र में 72 प्रतिशत। कुल मिलाकर देखें तो उत्साहवर्धक रूझान नजर आते है।, पर यह सच है कि दिसंबर 2006 में निम्न और मध्यम आय वाले देशों में अनुमानत: 71 लाख जरूरतमंद लोगों का मात्र 28 प्रतिशत हिस्सा ही उपचार प्राप्त कर रहा था।
एड्स राहत के लिए राज्य राष्ट्रपति की आपातकालीन योजना और दि ग्लोबल टु फाइट एड्स, टीबी एंड मलेरिया द्वारा प्रदान की गई निधियों सेस वर्ष 2006 के अंत तक 12,65,000 लोगों को सहायता प्रदान की गई निम्न और मध्यम आय वाले देशों में पहली पंक्ति की एआरवी दवाओं की कीमतों मे वर्ष 2003 से 2006 के बीच 37 प्रतिशत से लेकर 53 प्रतिशत वृध्दि हुई। वर्ष 2005 से 2006 के बीच यह वर्ष 10 प्रतिशत से लेकर 20 प्रतिशत थी।
यूएनएड्स के कार्यकारी निदेशक, डॉ. पीटर पाचोट के अनुसार 'इस रिपोर्ट में उपचार तक पहुंच बढ़ाने में हुई प्रेति की जो रूपरेखा बताई गई है वह एचआईवी-रोकथाम, उपयार और देखरेख व सहायता तक सार्वभौम पहुंच का अपना महत्वाकांक्षी लक्ष्य हासिल करने की दृष्टि से कई देशों के लिए एक सकारात्मक कदम है। किंतु रिपोर्ट में दिये गये अन्य आंकड़े यह भी दर्शाते हैं कि अभी लंबा रास्ता पार करना है - खासकर मां से बच्चे को एचआईवी संचरण की रोकथाम हेतु उपचार के व्यापक प्रावधान के क्षेत्र में। यह रोकथाम की सबसे सरल और सस्ती पध्दतियों मे से एक है।'
पिछले वर्ष उपचार प्राप्त करने वाले बच्चों की संख्या 50 प्रतिशत बढ़ी, पर बहुत ही निम्न आधार से यह वृध्दि हुई। दिसंबर 2006 में एचआईवी उपचार की जरूरत वाले अनुमानित 780,000 बच्चों मे से केवल 115,500 (15 प्रतिशत) को यह उपचार उपलब्ध हो पाया। डब्ल्यूएचओ एचआईवी/एड्स के निदेशक, उॉ. केविन दे कॉक के अनुसार, 'तात्कालिक प्राथमिकताएं विशेष रूप से उप-सहारा अफ्रीका में बच्चों को एचआईवी उपचार उपलब्ध कराने की स्थिति में सुधार ला रही हैं और अन्य स्थानों पर नशीली दवा की सुई लगाने वालों को उपयार सुलभ कराने की दिशा में सुधार आया है।' उन्होंने आगे कहा कि, 'रोकथाम और उपचार सेवाओं, दोनों के लिए एचआईवी जांच और परामर्श एक महत्वपूर्ण प्रवेश बिंदु है। अगर हमें वर्ष 2010 तक सार्वभौम पहुंच का लक्ष्य हासिल करनाक है तो इसे भी विस्तरित करना होगा।'
यूनिसेफ को कार्यकारी निदेशक, एन एम विनीमन का कहना है कि, 'एड्स की महामारी में बच्चों की उपेक्षा अभी भी जारी हैं। बहुत से बच्चों को अभी भी अभी जारी हैं। बहुत से बच्चों को अभी भी जीवनसेवी उपचार और अन्य आवश्यक सेवाओं तक पहुंच उपलब्ध नहीं है।; वर्ष 2005 में यूनिसेफ, एूएनएड्स तथा अन्य सहयोगी संस्थाओं ने 'बच्चों के लिए एकजुट हों, एड्स के विरूध्द एकजुट हों' अभियान शुरू किया। यह अभियान इन चार क्षेत्रों पर ध्यान केंद्रित करता है: मां से बच्चे को संचरण की रोकथाम, बच्चों के एड्स का उपचार, रोकथाम के लिए शिक्षा कार्यक्रम; अनाथ और असुरक्षित बच्चों को सहायता।
चुनौतियां और सिफारिशें
भूमंडलीय स्तर पर एड्स के विरूध्द जवाबी कार्रवाही में सुधार के लिए इस रिपोर्ट में निम्नलिखित सिफारिशें की गई हैं:
बच्चों में एचआईवी की रोकथाम, निदान और उपचार में तेजी लाने के प्रयासों को बढ़ाना। उपचार पहुंच को बढ़ाना। उपचार पहुंच को बढ़ाने की जरूरत के अलावा, बच्चों में एचआईवी की रोकथाम और निदान के क्षेत्र में प्रगति असंतोषजनक रही है। बच्चों के लिए सेवाओं के विस्तार की तकनीकी चुनौति काफी बड़ी है। इन चुनौतियों का मुकाबला करने के नए तरीकों - जैसे कि उपयुक्त नैदानिक और निर्धारित खुराक की अधिक व्यापक खोजबीन और विस्तार करने की जरूरत है।
एचआईवी - स्थिति के ज्ञान को बढ़ाने के लिए अनेक रणनीतियां लागू करना। उप सहारा अफ्रीका के उच्च-भार वाले 12 देशों में किये गये सर्वेक्षणों से पता चलता है कि आम आबादी में औसतन केवल 12 प्रतिशत पुरूषों औरे 10 प्रतिशत महिलाओं की एचआईवी जांच की गई है। जहां सेवाग्राही - पहल से होने वाली स्वैच्छिक परामर्श और जांच (पीआईटीसी) एचआईवी रोकथाम, उपचार और देखरेख सेवाओं तक विस्तारित पहुंच की एक मुख्य अतिरिक्त रणनीति बनकर उभर रही है। जांच और परामर्श की स्थितियों में भी सुधार होना चाहिए ताकि एचआईवी संबंधी स्थिति प्रकट होने पर लांछना और नकारात्मक प्रक्रियाओं जैसे बाधाओं को दूर किया जा सके।
मां से बच्चे को एचआईवी संचरण (पीएमटीसीटी) की रोकथाम के लिए सेवाओं के विस्तार को तेज करना। सौ से भी अधिक निम्न और मध्यम आय वाले देशों ने पीएमटीसीटी कार्यक्रम आरंभ किये हैं, पर उनमें सेस केवल सात देश ही ऐसे थे जो वर्ष 2005 में 40 प्रतिशत या उससे अधिक एचआइ्रवी - संक्रमित गर्भवती महिलाओं तक अपनी पहुंच बना पाये थे। उप सहारा अफ्रीका में जहां 85 प्रतिशत एचआईवी संक्रमित गर्भवती महिलाएं रहती है - यह कवरेज विभिन्न देशों में एक प्रतिशत से 54 प्रतिशत के बीच था। मां से बच्चे को होने वाले एचआईवी संक्रमण की रोकथाम के वर्तमान प्रयास उससे कहीं कम हैं जितने कि 2010 में एचआईवी संक्रमित बच्चों की संख्या 50 प्रतिशत तक कम करने के राष्ट्र संघ लक्ष्य की प्राप्ति कि लिए जरूरी है।
नशीली दवा का इंजेक्शन लगाने वालों और पुरूषों के साथ यौन संपर्क करने वाले पुरूषों (एमएसएम) सहित सर्वाधिक जोखिम में पड़ी आबादी के लिए सेवाओं में सुधार। विश्व में अनेक देशों मे नशे की सुइयों का उपयोग एचआईवी संक्रमण का एक प्रमुख मार्ग है और अफ्रीका में यह चिंता का प्रमुख विषय है। अगर एचआईवी संचरण पर महत्वपूर्ण प्रभाव डालना है तो इस आबादी को पर्याप्त रोकथान, उपचार और देखरेख सेवाएं उपलब्ध कराने की जरूरत है। औद्योगिक देशों में एमएसएम के बीच एचआईवी और अन्य यौन संचरित संक्रमणों का ाजो पुन: उभार देखने में आ रहा है उसका मुकाबला करने की और निम्न एवं मध्यम आय वाले देशों में एमएसएम की रोकथाम संबंधी जरूरतों पर ध्यान देने की जरूरत है।
एचआईवी/एड्स के साथ जीने वाले लोगों के लिए रोकथाम - कार्य में निवेश। एचआईवी के साथ जीने वाले लोगों एचआईवी रोकथाम के सबसे बड़े पक्षपोषक हो सकते हैं। स्वैच्छिक जांच और परामर्श केंद्रों में एचआईवी से ग्रसित पाए गए लोगों का बेहतर ढंग से फौलोअप करने की जरूरत है। स्वास्थ्य क्षेत्र को एचआईवी/एड्स के साथ जीने वाले लोगों की सहायता के लिए व्यापक प्रकार की सेवाएं उपलब्ध करानी चाहिए ताकि उनके स्वास्थ्य में अधिकतम सुधार हो सके; अवसरवादी और यौन संचरित संक्रमणों की रोकथाम और उपचार हो सके नशीली दवा के प्रभावों को कम किया जा सके और एक व्यक्ति से दूसरे में एचआईवी के संचरण को रोका जा सके।
एचआईवी/एड्स के साथ जीने वाले लोगों को गुणवत्ताापूर्ण टीबी रोकथाम, निदान और उपचार सेवाएं सुलभ कराने की स्थिति में सुधार। अधिकतर मामलों में टीबी की रोकथाम और उपचार हो सकता है। फिर भी हर वर्ष एचआईवी से संक्रमित लगभग 10 लाख लोगों को टीबी हो जाती है। जिससे लगभग ढाई लाख लोगों की मृत्यु होती है।
उच्च एचआईवी फैलाव वाले कई देशों में टीबी नियंत्रण में कम निवेश होने और अपर्याप्त राजनीतिक वचनबध्दता के चलते एचआईवी/एड्स के साथ जीने वाले लोगों के बीच टीबी का रोग काफी अधिक फैला है तथा टीबी के दवा रोधी बनने में मदद मिली है। व्यापक दवा-रोधी टीबी (एक्सडीआर-टीबी) के उभार पर, समन्वय कार्य को बढ़ा कर तथा रोकथाम, नैदानिक व उपचार सेवाओं की सुलभता को बढ़ाकर और साथ ही विस्तारित संक्रमण नियंत्रण रणनीतियों के माध्यम से तत्काल ध्यान देने की जरूरत है।
पुरूष खतरे को महत्वपूर्ण एचआईवी रोकथाम हस्तक्षेप के रूप मान्यता देना। चिकित्सा परीक्षणों के हाल के आंकड़े यह दर्शाते हैं कि जिन पुरूषों ने खतना कराया है, उनके बीच स्त्री-पुरूष यौन संपर्क से होने वाले एचआइ्रवी संक्रमण में कमी आई है। पुरूष खतने का उन देशों के सार्वजनिक स्वास्थ्य पर काफी प्रभाव पड़ सकता है। जहां एचआईवी की व्याप्ति काफी अधिक है तथा पुरूष खतना सेवाओं का विस्तार करने पर ध्यान देना चाहिए। इसके क्रियान्वयन के मुख्य मुद्दों में सेवाओं की गुणवत्ताऔर सुरक्षा सांस्कृतिक विचारणाएं, मानव अधिकार सहमति, गोपनीयता और जोर जबरदस्ती के साथ सिध्दांतों का पालन शामिल है।
अधिक दीर्घकालिक वित्तीय स्थिरता से संबंधित सरोकारों पर ध्यान देना। दीर्घकालिक आधार पर प्रमुख बहुपक्षीय और द्विपक्षीय साधनों से क्या उपलब्ध होगा, विषेष रूप से इस संदर्भ में वित्तीय सरोकार अनेक देशों में कार्य के विस्तार के दायरे और दर को सीमित करना जारी रखे हैं और लंबी अवधि के स्थायित्व के लिए खतरा पैदा करते हैं। जहां अधिकतर निम्न और कुछ मध्य आय वाले देशों में पहली कतार की दवाओं की कीमत में कमी आई है, वहां दूसरी पंक्ति की खर्चीली दवाओं की मांग बढ़ती रहेगी। जब तक दूसरी पंक्ति की दवाओं की कीमतों में महत्वपूर्ण रूप से कमी नहीं होती, तब तक बजटीय अड़चनें उपचार कार्यक्रमों को जोखिम में डाले रखेंगी।
अतिरिक्त जानकारी के लिए कृया निम्न पतों पर संपर्क करें:
लंदन में
डब्ल्यूएचओ
एनी विंटर, टेलिफोन +41794406011, ईमेल: winter@who.info
कैथी बर्टली टेलिफोन + 442086949138, मोबाइल + 447958561671,
ईमेल: cathy.bontly@robbs.co.int
जेनेवा में
डब्ल्यूएचओ
इकबाल नरेन्द्र, टेलिफोन: +4122 7915589 मोबाइल फोन: +41
795090622,
ईमेल: nandrai@who.int
यूएनएड्स सोफी बर्टन नाट, टेलिफोन: +4122791 19 67,
मोबाइल
फोन: +41792173440, ईमेल: bartonknotts@unaids.org
न्यू यॉर्क में
यूनिसेफ
गेरिट बेगेर, टेलिफोन: + 1212 3267116, मोबाइल फोन: + 16467640200,
ईमेल: gbeger@unicef.org |