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केन्द्रीय गृह मंत्रालय ने विश्व एड्स दिवस 2007 के अवसर पर बीएसएफ और यूएनएड्स द्वारा निर्मित फिल्म ''सावधान'' रिलीज की

केन्द्रीय गृह मंत्रालय ने विश्व एड्स दिवस 2007 के अवसर पर बीएसएफ और यूएनएड्स द्वारा निर्मित फिल्म ''सावधान'' रिलीज की

नई दिल्ली, दिसंबर 2007: 1 दिसंबर को विश्व एड्स दिवस के अवसर पर जिसे सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) दिवस के रूप भी मनाया गया - माननीय केन्द्रीय गृह मंत्री, श्री शिवराज पाटिल ने नई दिल्ली के छावला स्थित बीएसएफ परिसर में एचआईवी और एड्स पर ''सावधान - यह एड्स के विरुद्व लड़ाई है'' शीर्षक फिल्म रिलीज की।

इस अवसर पर गृहमंत्री ने सीमा सुरक्षा बल के अधिकारियों और जवानों का एड्स के विरुद्व संघर्ष में अपनी ताकत जोड़ने के लिए आह्वान किया। उन्होंने तत्परता और मनोबल का उच्च स्तर बनाए रखने के लिए जो कि समाज और देश की सुरक्षा और हिफाजत के लिए आवश्यक है - सीमा सुरक्षा बल को बधाई दी।

''सावधान'' फिल्म उन जोखिमों के बारे मे जिनका जवानों को करना पड़ सकता है और इसका उद्देश्य एचआईवी संक्रमण के खतरे से पैदा होने वाली उनकी असुरक्षा में कमी लाना है। फिल्म में इस महत्वपूर्ण, लेकिन कम ज्ञात तथ्य को उजागर किया गया है कि उपयुक्त चिकित्सा पध्दति अपना कर एचआईवी पोजिटिव मातापिता एचआईवी निगेटिव लोगों को अपनी एचआईवी-स्थिति का पता लगाने और इस तरह स्वेच्छा से जांच कराने के लिए प्रेरित करना है। नेतृत्व की भूमिका को स्वीकार करते हुए इस फिल्म में बीएसएफ महानिदेशक को एड्स के विरुध्द लड़ाई का आगे आकर नेतृत्व करते हुए जवानों का यह आह्वान करते हुए दिखाया गया है कि जिस तरह वे सरहदों की हिफाजत करते हैं, उसी तरह भीतर से समाज को सुरक्षित बना कर वे देश के प्रति अपनी जिम्मेदारी को पूरा करें।

बीएसएफ और यूएनएड्स द्वारा संयुक्त रूप से निर्मित इस फिल्म का निर्देशन मोना सरीन ने किया है।

आज विश्व भर में वर्दीधारी सेवाओं को आम आबादी की तुलना मे एचआईवी के जोखिम से अधिक असुरक्षित माना जाता है इस खतरे को स्वीकार करते हुए गृह मंत्रालय ने यूएनएड्स के साथ साझेदारी में, वर्दीधारी सेवाओं में एचआईवी कार्यक्रम के लिए एक विस्तृत रणनीति तैयार की है। सशस्त्र बलों को एचआईवी को लेकर काम करने वाले संगठनों की सहायता के लिए काम करने हेतु प्रेरित करके जवानों के लिए सुरक्षित व्यवहार को आवश्यक बनाने पर बल देती है। यह एचआईवी रोकथाम कार्य के लाभों को प्राप्त करने और साथ ही इस रोग को लांछना की दृष्टि से न देखने पर बल देते हुए स्वास्थ्य पर समग्रतपूर्ण रूप से विचार करती है। सावधानीपूर्वक कार्यक्रम बना कर मंत्रालय ने सशस्त्र बलों में एचआईवी की व्याप्ति को निम्न स्तर पर बनाए रखने में सफलता प्राप्त की है।

अतिरिक्त जानकारी के लिए संपर्क का पता: रंजन द्विवेदी, यूएनएड्स, dwivedi@unaids.org; टेलिफोन: +91-9810505068

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