दिल्ली परामर्श द्वारा एमएसएम हस्तक्षेपणीय उपायों के लिए आशा की नई किरण
नई दिल्ली, 26 सितम्बर: एमएसएम (पुरुषों के साथ यौन संबंध रखने वाले पुरुष) के बीच एचआईवी महामारी को प्रेरित करने वाले तत्वों की ओर ध्यान देने के एक महत्वपूर्ण प्रयास में एशिया प्रशांत क्षेत्र में स्थित 22 देशों के बीच सरकार, सिविल समाज तथा सामुदायिक संगठनों को इकट्ठा करते हुए नई दिल्ली में 23 से 26 सितम्बर के दौरान एक त्रिपक्षीय क्षेत्रीय परामर्श आयोजित किया जा रहा है।
हालांकि इस आशय के प्रमाण मौजूद हैं कि एशिया प्रशांत क्षेत्र में एचआईवी संक्रमण में पुरुषों के साथ पुरुषों के यौन संबंध एक प्रेरक तत्व है तो भी कुछ प्रमुख हस्तक्षेपणीय उपाय ही पुरुषों के साथ पुरुषों के यौन संबंधों और तत्संबंधी एचआईवी जोखिमों की ओर ध्यान देते हैं। एक अध्ययन के अनुसार बैंकाक में पुरुषों के साथ यौन संबंध रखने वाले पुरुषों के बीच एचआईवी की व्याप्ति 28 प्रतिशत तक और महाराष्ट्र के भारतीय राज्य में भी काफी अधिक अर्थात 16 प्रतिशत तक पहुंच चुकी होगी।

एशिया और प्रशांत क्षेत्र में एचआईवी तथा एड्स के लिए संयुक्त राष्ट्र के महासचिव की विशेष दूत डा. नफीस सादिक ने अपने उदघाटन भाषण में इस क्षेत्र में एमएसएम के एचआईवी संबंधी जोखिमों की ओर ध्यान के लिए अधिक मजबूत हस्तक्षेपणीय उपायों की जरूरत के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि, 'देशों में पुरुषों के साथ पुरुषों के यौन संबंधों की ओर ध्यान दिए जाने की अत्यधिक जरूरत है। यही नहीं कि इस तरह का यौन व्यवहार अपने विभिन्न रूपों में एशिया और प्रशांत क्षेत्र के सभी देशों में मौजूद है लेकिन एचआईवी, पुरुषों के साथ यौन संबंध रखने वाले पुरुषों तथा उभयलैंगिक संबंध रखने वाले व्यक्तियों के समुदायों के बीच घर कर गया है और यह महामारी ऐसे समुदायों के बीच अधिकांशत: निवारण कार्यक्रमों की अनदेखी करते हुए तेजी के साथ फैल रहा है।'
एमएसएम को समाज का एक अविभाज्य अंग मानने के लिए आह्वान करते हुए परमश्रध्देय आर्कबिशप ऐमिरिटस डेसमण्ड टुटू ने कहा कि, 'हमने दक्षिण अफ्रीका में प्रजाति-पार्थक्य के विरुध्द संघर्ष किया था, हमारे संघर्ष को सारे विश्व का समर्थन प्राप्त हुआ था क्योंकि काले लोगों को ऐसे कारण से अर्थात हमारी त्वचा का रंग काला होने से यातना सहन करनी पड़ती थी जिनके लिए हम कुछ नहीं कर सकते थे। यौन झुकाव भी एक तरह की शरीरवैज्ञानिक जरूरत है; समलैंगिकों के प्रति विद्वेष उतना ही अन्यायपूर्ण है जितना प्रजाति-पार्थक्य।'
क्षेत्र के कई देशों में समाज द्वारा कलंकित तथा कानून द्वारा दंडीकृत किए जाने के कारण एमएसएम को अपने आपको एचआईवी से बचाने के लिए जिस तरह की जानकारी और सेवाओं की जरूरत होती है, उन्हें पाना दुष्कर होता है। यूएनएड्स के अनुसार एशिया और प्रशांत क्षेत्र के 16 देशों में पुरुषों के साथ यौन संबंध रखने वाले पुरुषों के लिए जानकारी तथा कन्डोम आपूर्ति के लिए स्वयं लाभग्राहियों तक पहुंचने के कार्यक्रमों की सुलभता 10 प्रतिशत से भी कम है।
यूएनएड्स के कार्यकारी निदेशक डा. पीटर पायट की तरफ से अपनी प्रारंभिक टिप्पणियों में डा. पूर्णिमा माने ने सर्वसुलभता की दिशा में सभी पक्षधरों के बढ़े हुए जोश और प्रतिबध्दता के चलते एड्स के प्रति जवाबी कार्रवाई को लेकर अभूतपूर्व आशा व्यक्त की। उन्होंने कहा कि 'और मेरा विश्वास है कि यह जोश यह सुनिश्चित करेगा कि पुरुषों के साथ यौन संबंध रखने वाले पुरुषों के मामले में एड्स संबंधी जवाबी कार्रवाई आगे बढ़ेगी।'
यूएनएड्स बैंकाक कार्यालय के क्षेत्रीय निदेशक जेवीआर प्रसादा राव ने अपनी प्रारंभिक टिप्पणियों में एमएसएम के बारे में एड्स के प्रति जवाबी कार्रवाई की ओर ध्यान देते समय ऐसी पांच प्रमुख कार्रवाइयां अभिज्ञात की जिन्हें लेकर राष्ट्रीय सरकारें कोई समझौता नहीं करेंगी। पहली: एमएसएम तथा उभयलैंगिक हस्तक्षेपणीय उपायों को राष्ट्रीय कार्यनीतिक योजनाओं में प्राथमिकता देना; दूसरी: क्षमता निर्माण तथा सेवाओं की आपूर्ति के लिए एमएसएम तथा उभयलैंगिक नेटवर्कों को सीधे ही संसाधन आबंटित करना; तीसरी: एक सशक्त जनमत तैयार करके पुरुषों के साथ पुरुषों के यौन संबंधों का अपराधीकरण करने वाले कानूनों को बदलना; चौथी: एमएसएम, उभयलैंगिकाें तथा ऐसे समूहों को सेवाएं प्रदान करने वाले सामुदायिक कार्मिकों की प्रताड़ना रोकने के लिए सार्वजनिक शिक्षा का आयोजन तथा पांचवी: राष्ट्रीय आयोजना प्रक्रिया में एमएसएम और उभयलैंगिक लोगों का पूर्ण सहयोजन सुनिश्चित करना।
इससे पूर्व भारत सरकार की ओर से बोलते हुए केन्द्रीय स्वास्थ्य सचिव श्री प्रसन्ना होता ने उपस्थित श्रोताओं को यह विश्वास दिलाया कि उभरती हुई एड्स जानपदिक रोगवैज्ञानिक स्थिति को बेहतर ढंग से समझने और लक्षित एचआईवी जवाबी कार्रवाई सहित एमएसएम समुदायों तक पहुंचने के प्रयोजन से कानून में जरूरी संशोधन करने की दिशा में विधिवेत्ताओं के साथ बातचीत आगे बढ़ रही है।
जमीनी स्तर के अनुभव ने यह दर्शाया है कि सेवा प्रदाताओं के लिए, कानून के डर के कारण इस समूह के साथ काम करना दुष्कर हो जाता है। एक सहभागी की माता ने अपने पुत्र की दुष्कर यात्रा की चर्चा करते हुए बताया कि, 'मेरे पुत्र आरिफ को यह काम करने--अर्थात जीवन, अन्य भारतीयों जो संयोग से अलग तरह के समझे जाते हैं के जीवन की रक्षा करने में मदद करने के लिए अपने तीन साथियों के साथ 47 दिन और 47 रातें भारतीय जेल में काटनी पड़ी थी। मैं आज यहां एक ऐसे पुत्र की स्नेहमय मां के रूप उपस्थित हूं जिसे 'मेरा पुत्र' कहने में तथा उसे उस रूप नहीं, जिस रूप मैं उसे देखना चाहती थी, बल्कि जिस रूप वह है उस रूप स्वीकार करने में मुझे गर्व का अनुभव होता है।'
इस परामर्श को बहस करने और सीखने तथा पुरुष यौन स्वास्थ्य और तत्संबंधी एचआईवी जोखिमों की ओर ध्यान देने के लिए कार्यनीतियों का विस्तार, सुदृढ़ीकरण और उनकी कार्रवाई का स्तर बढ़ा सकने के लिए एक मंच के रूप देखा जाता है। इसके अलावा यह परामर्श इस कानूनी, मानवीय अधिकारों और सामाजिक मुद्दों के बारे में कार्यनीतिक पक्षपोषण पहलों और प्रमुख नीतियों के संबंध में सूचित करेगा और उनका निर्माण करेगा।
चार दिन चलने वाला यह परामर्श एमएसएम आबादी समूहों के बीच एचआईवी जोखिम को रोकने और प्रत्यावर्तित करने की दृष्टि से प्रासंगिक जानपदिकरोग
वैज्ञानिक, तकनीकी तथा सामाजिक-राजनैतिक मुद्दों की ओर ध्यान दे रहा है। साथ ही यह परामर्श इस क्षेत्र में एचआईवी महामारी के एमएसएम आयाम को लेकर समन्वित दीर्घकालीन स्वास्थ्य और सामाजिक-कानूनी जवाबी कार्रवाइयों के निर्माण और कार्यान्वयन को उत्प्रेरित करने का एक प्रयास भी है।
नाज फाउंडेशन इंटरनेशनल के प्रमुख कार्यकारी शिवानंद खान ने प्रेस को संबोधित करते हुए कहा 'पुरुषों के साथ यौन संबंध रखने वाले पुरुषों के लिए जिनमें उभयलैंगिक और उनके जोड़ीदार शामिल हैं एचआईवी हस्तक्षेपणीय उपायों की दिशा में 20 वर्ष तक काम कर लेने के बाद, यह बैठक एक ऐतिहासिक घटना जोकि एशिया में अपने ढंग की पहली घटना है, बन गई है और यह समय की बात है।'
प्रतिनिधि, बैठक में जारी की गई घोषणा और चार दिन तक चली गहन चर्चाओं को लेकर उत्साहित हैं और वे इस क्षेत्र में एड्स के लिए जवाबी कार्रवाई के सुदृढ़ीकरण के वास्ते एमएसएम और उभय लैंगिक हस्तक्षेपणीय उपायों के लिए एक आशापूर्ण कार्ययोजना की पेशकश करेंगे।
और अधिक जानकारी के लिए संपर्क करें: डेविड ब्रिजर +91-9350245712
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