एड्स जवाबी कार्रवाई में असाधारण योगदान के लिए सिविल सोसायटी संगठन पुरस्कृत
महामारी के विरुद्ध ग्रासरूट स्तर के नेतृत्व और कार्रवाई को सम्मानित करने का अपने ढंग का पहला प्रयास
नई दिल्ली, 1 दिसम्बर, 2006: भारतीय एचआईवी महामारी के 20 वर्षों की स्मृति में यूएनएड्स ने ऐसे सिविल सोसायटी संगठनों को जो समुदाय स्तर पर अनेक वर्षों से असाधारण सहायता, एचआईवी निवारण, उपचार और देखभाल सेवाएं प्रदान करते रहे हैं पुरस्कृत किया।
यूएनएड्स सिविल सोसायटी पुरस्कार समारोह देश के भीतर एचआईवी की ओर ध्यान देने के लिए नवाचारी और कारगर तरीकों की तलाश कर रहे संगठनों और व्यक्तियों के असाधारण तथा कम मान्यताप्राप्त कार्य के लिए मान्यता देने का एक अनूठा अवसर है। इस समारोह का लक्ष्य यह सुनिश्चित करने के लिए एक महत्वपूर्ण वाहन बनना है कि समूचे भारत के संगठनों की आवाज सुनी जाए और उसे सम्मान दिया जाए।
विश्व एड्स दिवस 2006 के मौके पर दिए गए पुरस्कार इसलिए शुरू किए गए हैं ताकि वे सिविल सोसायटी का प्रतिनिधित्व करने वाले संगठनों की असाधारण सहभागिता और योगदान को समेकित करने वाला एक मंच बन सके। पुरस्कार का उद्देश्य विजयी होना नहीं है बल्कि महामारी की ओर ध्यान देने वाले उत्कृष्ट नेतृत्व को मान्यता देने के माध्यम से एचआईवी से ग्रस्त व्यक्तियों की सहायता करना है।
पुरस्कार के लिए तैयारी एक लम्बी प्रक्रिया थी क्योंकि विभिन्न राज्य एड्स नियंत्रण संगठनों और दाता एजेंसियों ने विभिन्न श्रेणियों के लिए अपने नामांकन भेजे थे। नामों का अन्तिम चयन डॉ. डेनिस ब्राउन, यूएनएड्स देश समन्वयकर्ता की अधयक्षता में एक प्रतिष्ठित निर्णायक मण्डल तथा निर्णायक मण्डल के अधयक्ष द्वारा किया गया था।
इस मौके पर उपस्थित डॉ. डेनिस ब्राउन ने कहा कि, ''भारत के सामने एक गंभीर संकट प्रस्तुत है और इस महामारी से संबंधित जागरूकता बढ़ाए जाने की अत्यधिक जरूरत है। इस तरह के कार्यक्रम एड्स के क्षेत्र में विभिन्न संगठनों और व्यक्तियों द्वारा किए गए अनुकरणीय कार्य को प्रकाश में लाने में सहायक होते हैं। सिविल सोसायटी पुरस्कारों के माध्यम से स्थानीय आवाजों को एक वैश्विक मंच प्राप्त हो जाता है और यह ऐसे उत्कृष्ट सामुदायिक नेतृत्व तथा कार्रवाई को जोकि एचआईवी के प्रसार और प्रभाव को कम करने में सहायता कर रही है, सम्मानित करने और उसकी प्रशंसा करने का भी एक तरीका बन जाता है।
पुरस्कार समारोह राष्ट्रीय एड्स नियंत्रण संगठन द्वारा चारका, हीरोज परियोजना, डिपार्टमेंट फार इंटरनेशनल डेवलपमेंट (डीएफआईडी), यूनेस्को, आरसीएसएचए, यूएनएड्स तथा युवा स्कूल किशोरावस्था शिक्षा कार्यक्रम जैसे विभिन्न संगठनों के साथ मिलकर, जिनमें से सभी एड्स जागरूकता के एकसमान उद्देश्य की पूर्ति में प्रवृत्त हैं नेशनल स्टेडियम, नई दिल्ली में आयोजित किए गए विशाल नियंत्रण हाथ में लोग अभियान का एक हिस्सा था। इस कार्यक्रम ने जीवन के विभिन्न क्षेत्रों के लोगों, राजनैतिक तथा मत नेताओं, मीडिया तथा फिल्म की दुनिया की महान हस्तियों और युवा मूर्तियों को एड्स के विरुद्ध लड़ाई में एक ही मंच पर ला दिया है।
इस समारोह में श्रीमती शीला दीक्षित, माननीय मुख्यमंत्री, दिल्ली सरकार, श्री आस्कर फर्नांडीज, माननीय श्रम और रोजगार मंत्री, मिलिन्द देवरा, संसद सदस्य, लोक सभा और उदय नारायण चौधरी जैसी राजनैतिक विभूतियों के अलावा राहुल बोस, शिल्पा शेट्टी, मन्दिरा बेदी, मोना सिंह, कुणाल कपूर, कैलाश खेर जैसी विभिन्न मीडिया हस्तियों ने भी उपस्थित हेकर समारोह की शोभा बढ़ाई।
भारत दुनिया का दूसरा सबसे अधिक जनसंख्या वाला देश है और वह एक असमान एचआईवी महामारी का सामना कर रहा है। वर्ष 2005 में लगभग 5.7 मिलियन लोग एचआईवी से संक्रमित थे जिनमें से 5.2 मिलियन 15-49 वर्ष के आयुवर्ग के वयस्क थे। मुख्यत: विषाणु के संबंध में समुचित जानकारी की कमी के कारण देश के युवावर्ग के सामने एचआईवी का सर्वाधिक जोखिम बना हुआ है। इस महामारी की बढ़ती हुई लहर पर काबू पाने के लिए अनेक संगठन अथक रूप से प्रयासशील हैं।
यूएनएड्स द्वारा की गई यह पहल एचआईवी जवाबी कार्रवाई में नेतृत्व को मान्यता देने की दिशा में एक कदम है। यह कार्यक्रम कोई वार्षिक कार्यक्रम नहीं है बल्कि सिविल सोसायटी संगठनों की असाधारण सहभागिता तथा योगदान को समेकित करने का एक एकबारगी मंच है जिसके लिए उन्हें उपयुक्त तरीके से मान्यता प्रदान की जाती है और पुरस्कृत किया जाता है।
और अधिक जानकारी के लिए कृपया निम्न से संपर्क करें:
कपिल धवन @ 981423882, इन्द्राणी सरकार @ 9910264456, प्रीतिका मैथ्यू @ 9871096106 - परफेक्ट रिलेशन्स
|