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धर्म गुरुओं ने किया एड्स का मुकाबला करने का संकल्प

धर्म गुरुओं ने किया एड्स का मुकाबला करने का संकल्प


हिंदू धार्मिक नेताओं की बैठक का उद्धाटन करते हुए जेवीआर राव और श्री श्री रविशंकर

2 जून, 2008 - हिंदू धार्मिक नेताओं ने पहली बार एचआईवी के विरुध्द संघर्ष में, शामिल होने का संकल्प किया है। हिंदू धार्मिक समूहों एक ऐतिहासिक पहलकदमी के फलस्वरूप भारत के 70 से भी अधिक धार्मिक नेताओं ने मिल कर यह घोषित किया कि वे अपने प्रवचनों, धार्मिक कार्यकलापों, उत्सवों, धार्मिक शिक्षा और भावी धार्मिक नेताओं के प्रशिक्षण में एचआईवी संबंधी जानकारी को शामिल करेंगे।

बंगलूरु-स्थित 'आर्ट आफ लिविंग इंटरनेशनल सेंटर' में 1-2 जून 2008 को आयोजित 'एचआईवी/एड्स पर हिंदू धार्मिक नेताओं की पहली बैठक' में ये धार्मिक नेता एड्स के फैलाव को कम करने के ¬राष्ट्रीय प्रयास में शामिल होने पर सहमत हुए। एड्स के विरुध्द संयुक्त घोषणा पर हस्ताक्षर करके इन धार्मिक नेताओं ने युवाओं के बीच एचआईवी संबंधी जागरूकता फैलाने और एचआईवी के साथ जीने वाले लोगों के विरुध्द लांछना और भेदभाव को समाप्त करने के लिए यूएनएड्स और राष्ट्रीय एड्स नियंत्रण कार्यक्रम के साथ कार्य करने के लिए अपने को वचनबध्द किया।

'आर्ट आफ लिविंग' के संस्थापक श्री श्री रविशंकर ने कहा कि, ''इस रोग के साथ जुड़ी लांछना या कलंक को तभी दूर किया जा सकता है, जब धार्मिक नेता इसके बारे में खुल कर करें।'' वे भारत के हिंदू धार्मिक समूहों द्वारा अनुवर्ती (फौलोअप) कार्रवाई सुनिश्चित करने के लिए विशेष रूप से नियुक्त की गई विषय निर्वाचन समिति (स्टीयरिंग कमिटी) का नेतृत्व करेंगे। इसके अंतर्गत हमजोली शिक्षक (पीयर एजुकेटर) के नेटवर्कों का प्रशिक्षण, जागरूकता फैलाने के लिए प्रमुख सार्वजनिक संदेश और एचआईवी से प्रभावित परिवारों को सहायता प्रदान करने का कार्य शामिल होगा।

उनकी भावनाओं को दोहराते हुए केंद्रीय मंत्री और एड्स संसदीय फोरम के कन्वीनर, श्री ऑस्कर फर्नांडीज ने कहा, ''अगर सभी संत एचआईवी/एडस के विरुध्द अभियान में शामिल हो जाएं तो इसकी पहुंच काफी बढ़ जाएगी।'' 1990 के दशक के आरंभ से ही धार्मिक संगठनों ने दक्षिण अफ्रीका जैसे क्षेत्रों में एड्स का मुकाबला करने में नेतृत्वकारी भूमिका निभाई है। उदाहरण के लिए अफ्रीका में हिंदू समूहों ने अन्य धार्मिक संगठनों के साथ मिलकर एड्स के विरुध्द संघर्ष में भाग लिय है, पर भारत में पहली बार इस तरह की पहल की जा रही है।

एचआईवी और एड्स पर हिंदू धार्मिक नेताओं की बैठक की कार्य योजना के अंतर्गत हिंदू नेताओं की पहलकदमियों को राज्य एड्स नियंत्रण सोसाइटियों के साथ जोड़ा जा रहा है ताकि समुदायों में सकारात्मक संदेशों को अधिक से अधिक फैलाया जा सके।

इस दो दिवसीय सम्मेलन को ' आर्ट आफ लिविंग फाउंडेशन', यूएनएड्स और एशियन इंटरफेथ नेटवर्क आन एड्स (एआईएनए) ने संयुक्त रूप से आयोजित किया था। हिंदू धर्मगुरुओं द्वारा एड्स से संघर्ष का संकल्प

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