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अर्धवार्षिक अंतर्राष्ट्रीय माइक्रोबाइसाइड्स सम्मेलन, ''माइक्रोबाइसाइड्स 2008'' का नई दिल्ली में ''एचआईवी रोकथाम की दिशा में प्रयास'' विषय के अंतर्गत 24-27 फरवरी को आयोजन किया गया। |
| 27 फरवरी 2008 |
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| पायोट ने कहा, ''एक असरकारी माइक्रोबाइसाइड तैयार करना एड्स प्रत्युत्तर की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम होगा। महिलाओं को खुद इस्तेमाल करने के लिए कोई एचआईवी रोकथाम टेक्नॉलॉजी प्रदान करना किसी क्रांति से कम नहीं है।'' |
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सोलहवें अंतर्राष्ट्रीय एड्स सम्मेलन में उदघाटन अभिभाषण ''एड्स : अगले 25 वर्ष'' |
| टोरोंटो, 13 अगस्त, 2006 |
''एक ऐसा एड्स प्रत्युत्तर जो सामाजिक न्याय को आगे बढ़ाने पर उतना आधारित न हो जितना विज्ञान को आगे बढ़ाने पर, निश्चय ही विफल होगा।'' |
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एड्स उच्च स्तरीय संगमेंट पर राष्ट्र संघ महासभा की उच्च-स्तरीय बैठक में दिया गया व्क्तव्य |
| न्यू यार्क, 2 जून 2006 |
''यदि हम इस समय अपने कार्य की तेजी को खो बैठें, इस समय विफल हो जाएं तो यह अक्षम्य होगा''> |
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एड्स पर राष्ट्र संघ महासभा की उच्च स्तरीय बैठक में दिया गया वक्तव्य |
| न्यू यार्क, 31 मई 2006 |
इस महामारी को लगातार ध्यान देकर और सदस्य देशों द्वारा ''कुछ भी करना पड़े'' जैसी प्रतिज्ञा - जिसे वे भूमंडलीय वित्तीय कठिनाईयां या मुध्दों पर लागू करते हैं - के बल पर ही हराया जा सकता है। |
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एड्स पर बढ़त हासिल करना - दीर्घकालिक एजेंडा |
| वाशिंगटन डी.सी; 9 मार्च 2006 |
वुडरो विल्सन इंटरनेशनल सेंटर फार स्कालर्स, वाशिंगटन डी.सी. में दिया गया अभिभाषण
''इन दीर्घकालिक मांगों को लेकर हमारी प्रतिक्रिया को अशक्त नहीं होना चाहिए।
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रोकथाम, उपचार और देखरेख तक सार्वभौम पहुंच एचआईवी और एड्स से प्रभावित बच्चों पर भूमंडलीय साझेदार मंच पर दिया गया अभिभाषण |
| लंदन, 7 फरवरी 2006 |
''आज जो सबसे अधिक उल्लेखनीय है यह वास्तविक वचनबध्दता कि एड्स प्रत्युत्तर को आज की स्थिति से कहीं आगे ले जाना है।'' |
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जमीनी स्तर पर लोगों के लिए निधियों का सही उपयोग आईसीएएसए 2005 के उदघाटन समारोह में दिया गया अभिभाषण |
| अबुजा, 4 दिसंबर 2005 |
''मुझे अधिकाधिक रूप से आश्चर्य होता है कि जो देश एड्स से सर्वाधिक प्रभावित हैं वहां विशेष प्रयास क्यों नहीं किये जा रहे हैं।'' |
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यूएनएड्स के कार्यकारी निदेशक, डॉ. पीटर पियोट (Peter Piot) का विशेष व्याख्यान |
| प्रत्युत्तर की स्थिति : महामारी को समाप्त करने के लिए क्या करना होगा |
| रिओ डे जेनेइरो, 27 जुलाई 2005 |
''हमें एड्स के विरुद्ध जवाबी कार्रवाई की अगले चरण में ले जाना होगा, उसे प्रमुख भूमंडलीय मुद्दों - मौसम बदलाव, घोर निर्धनता - के समकक्ष
लाना होगा और अपने एड्स के मलिन परिवेश में ही सीमित नहीं रहना होगा।''
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